नजीबाबाद (बिजनौर): घर में अकेला पाकर बेटी की आबरू पर हाथ डालने वाले आरोपी बाप को दादा की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में भेजा जेल।
नजीबाबाद/बिजनौर। जनपद के नजीबाबाद थाना क्षेत्र से एक बेहद ही शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने पवित्र सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। यहाँ एक कलयुगी पिता ने अपनी ही महज़ 10 वर्ष की मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाने का कुत्सित प्रयास किया। इस घिनौनी वारदात का खुलासा तब हुआ जब बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनकर उसके बुजुर्ग दादा मौके पर पहुँचे और उन्होंने तत्परता दिखाते हुए मासूम को उस दरिंदे के चंगुल से बचाया।
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी पिता कपिल कुमार घर में अपनी छोटी बेटी को अकेली पाकर नियत खो बैठा। उसने एकांत का फायदा उठाते हुए अपनी ही मासूम संतान के साथ जबरदस्ती और गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची इस अप्रत्याशित हमले से बुरी तरह डर गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी रोने और चिल्लाने की आवाज़ सुनकर घर के दूसरे हिस्से में मौजूद उसके दादा तुरंत कमरे की तरफ दौड़े। अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत बीच-बचाव कर बच्ची की जान और अस्मत बचाई।
इस घिनौनी करतूत की जानकारी जैसे ही आस-पड़ोस और पूरे गाँव में फैली, वैसे ही स्थानीय ग्रामीणों के बीच आरोपी पिता के खिलाफ भारी आक्रोश और रोष व्याप्त हो गया। गाँव के लोग इस अमानवीय कृत्य को लेकर बेहद गुस्से में हैं और उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समाज विरोधी और विकृत मानसिकता वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
घटना के फौरन बाद पीड़ित बच्ची के दादा ने बिना कोई समय गंवाए सीधे नजीबाबाद थाने का रुख किया। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी बेटे कपिल के खिलाफ लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए फौरन एक्शन लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि दादा की तहरीर के आधार पर आरोपी कपिल कुमार के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) और अन्य सुसंगत व गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
नजीबाबाद थाना पुलिस की मुस्तैद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी कपिल को उसके ठिकाने से धर-दबोचा और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ित मासूम बच्ची को तुरंत चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल एग्जामिनेशन) के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपी पिता को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट के आदेश पर उसे सलाखों के पीछे (जेल) भेज दिया गया है।
