रंगारेड्डी: कानून को ठेंगा दिखाकर आरोपी ने दो परिवारों के छह सदस्यों को मौत के घाट उतारा, वारदात के बाद आरोपी खुदकुशी की धमकी देकर फरार।
तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से एक बेहद ही झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पॉक्सो (POCSO) एक्ट के एक आरोपी ने जेल से बाहर आते ही प्रतिशोध की खूनी इबारत लिख दी। आरोपी ने एक ही रात में न सिर्फ पीड़िता के परिवार को निशाना बनाया, बल्कि अपने ही हंसते-खेलते परिवार को भी हमेशा के लिए खामोश कर दिया। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को 35 वर्षीय राजू कुमार नामक शख्स ने अंजाम दिया है। राजू पर पहले से ही एक नाबालिग लड़की के उत्पीड़न का मामला दर्ज था और वह हाल ही में जमानत पर जेल से छूटकर बाहर आया था। बाहर आते ही उसके सिर पर बदले का खून सवार हो गया। उसने शुक्रवार की रात पहले शाहबाद इलाके में रहने वाली नाबालिग पीड़िता, उसकी मां और उसकी नानी पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
इतना ही नहीं, इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा। वहां उसने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की भी बेरहमी से हत्या कर दी। एक ही रात में छह जिंदगियां खत्म करने के बाद आरोपी ने खुद अपने माता-पिता को फोन किया। उसने फोन पर चीखते हुए कहा कि उसने दोनों परिवारों को पूरी तरह खत्म कर दिया है और अब वह खुद भी जान देने जा रहा है। इसके बाद से ही आरोपी का फोन बंद है और वह पुलिस की पकड़ से दूर है।
आरोपी के परिजनों ने जैसे ही फोन पर यह भयानक सच सुना, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत बिना वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें सक्रिय हुईं और दोनों घटनास्थलों पर पहुंचीं। पुलिस ने मौके से सभी छह शवों को अपने कब्जे में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है। रायवलागुडा और उसके आस-पास के सभी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए तकनीकी सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर गंभीर अपराधों में मिलने वाली जमानत और उसके बाद पीड़ितों की सुरक्षा की समीक्षा करने की जरूरत को रेखांकित किया है।
