सहारनपुर: जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पांच बीईओ को अतिरिक्त ब्लॉकों का प्रभार सौंपते हुए तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।
सहारनपुर जनपद में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को अधिक गतिशील और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल किया गया है। जिलाधिकारी अरविंद चौहान की हरी झंडी मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कोमल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए इस नए आदेश के तहत जिले में तैनात पांच खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को उनके वर्तमान ब्लॉकों के साथ-साथ अन्य विकास खंडों का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत विभाग ने अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में विस्तार किया है। बीएसए कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी नीलम तोमर को उनके वर्तमान ब्लॉक देवबंद के साथ-साथ अब रामपुर मनिहारान का भी अतिरिक्त जिम्मा संभालना होगा। वहीं दूसरी ओर, नांगल ब्लॉक में तैनात बिजेंद्र कुमार को अब पुरकाजी क्षेत्र की भी कमान सौंप दी गई है, जिससे इन क्षेत्रों में विभागीय कार्यों की निगरानी और बेहतर तरीके से हो सकेगी।
इसी कड़ी में मुजफ्फराबाद और सढौली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहे दिनेश शर्मा के कंधों पर अब सरसावा ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार भी डाल दिया गया है। इसके अलावा, बलियाखेड़ी में कार्यरत सुरेश त्यागी को अब नगर क्षेत्र और जिला मुख्यालय से जुड़े विभागीय कार्यों का संपादन भी करना होगा। वहीं, नानौता ब्लॉक की खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति पाल के कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए उन्हें गंगोह और नकुड़ जैसे बड़े ब्लॉकों की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षा विभाग के इस कदम का मुख्य उद्देश्य रिक्त या प्रभावित चल रहे विकास खंडों में विभागीय योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को बिना किसी रुकावट के गति देना है। सूत्रों का कहना है कि इन बड़े ब्लॉकों में लंबे समय से अधिकारियों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण फाइलें और शिक्षकों से जुड़े मामले लंबित चल रहे थे, जिन्हें समय पर निस्तारण करने के लिए प्रशासन ने यह वैकल्पिक और मजबूत व्यवस्था तैयार की है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करने के साथ ही सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी अधिकारी बिना किसी देरी के अपने आवंटित नए विकास खंडों में तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नए क्षेत्रों में विभागीय कार्यों का संपादन पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारा जा सके।
