अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अपनी "पीस थ्रू स्ट्रेंथ" यानी "ताकत के जरिए शांति" की नीति के चलते उन्होंने मात्र 10 महीनों में 8 बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराया।
ट्रंप ने जिन संघर्षों का उल्लेख किया, उनमें कोसोवो–सर्बिया, पाकिस्तान–भारत, इज़राइल–ईरान, मिस्र–इथियोपिया, आर्मेनिया–अज़रबैजान, और कंबोडिया–थाईलैंड के बीच जारी तनातनी शामिल है। ट्रंप का दावा है कि उनकी मध्यस्थता और वैश्विक दबदबे से इन देशों के बीच तनाव में कमी आई और शांति की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज हुई।
इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की आलोचना करते हुए कहा कि वे बच्चों को वास्तविक वैश्विक मुद्दों से दूर रखते हैं। ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में FIFA Peace Prize से सम्मानित किया गया है, और अब वे नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी उम्मीदवारी की ओर बढ़ रहे हैं।
ट्रंप के इन दावों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, जहां समर्थक उनकी उपलब्धियों को ऐतिहासिक बताते हैं, जबकि आलोचकों ने इसे चुनावी प्रचार का हिस्सा करार दिया है।
