19 हजार फर्जी आधार कार्ड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, यूपी STF ने किया बड़े गिरोह का भंडाफोड़

लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके मास्टरमाइंड प्रमोद कुमार निषाद को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अब तक 18 से 19 हजार फर्जी या संशोधित आधार कार्ड तैयार कराने की बात कबूल की है। यह गिरोह लंबे समय से बहराइच–नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय था

UP STF arrested Pramod Nishad, the mastermind of a major fake Aadhaar racket involved in creating or updating nearly 19,000 forged Aadhaar cards.

STF के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी 28 वर्षीय प्रमोद निषाद बहराइच जनपद के थाना मुर्तिहा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमरी मलमला का निवासी है। वह बीएससी तक पढ़ा-लिखा है और जनसेवा केंद्र की आड़ में सरकारी पोर्टलों का दुरुपयोग कर डिजिटल फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।

जनसेवा केंद्र बना अपराध का अड्डा

प्रमोद ने वर्ष 2021 में ऑनलाइन सरकारी कार्य सीखकर “निषाद कंप्यूटर केंद्र” के नाम से जनसेवा केंद्र खोला। धीरे-धीरे उसने सरकारी डिजिटल सिस्टम की कमजोरियों को समझा और वर्ष 2024 के अंत में टेलीग्राम के जरिए अकील सैफी नामक व्यक्ति के संपर्क में आया। यहीं से अपराध का नेटवर्क खड़ा हुआ।

अकील सैफी ने प्रमोद को फर्जी जन्म व निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले पोर्टल, साथ ही आधार नामांकन व संशोधन की यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए, जिसके बदले 35 हजार रुपये की डील तय हुई।

1-2 मिनट में बनते थे फर्जी प्रमाण पत्र

आईडी मिलने के बाद प्रमोद ने अपने सिस्टम में फर्जी पोर्टल और सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर लिए। वह मात्र 1 से 2 मिनट में कूटरचित डिजिटल जन्म और निवास प्रमाण पत्र तैयार कर लेता था, जिनके आधार पर नए फर्जी आधार कार्ड बनाए जाते थे या पुराने आधार में नाम, जन्मतिथि और पता बदल दिया जाता था।

सबसे गंभीर बात यह रही कि 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के भी आधार कार्ड बनाए जा रहे थे, वह भी उन लोगों के लिए जिनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था।

AnyDesk से फैला नेटवर्क

प्रमोद ने दर्जनों लोगों को AnyDesk के माध्यम से अपने सिस्टम का एक्सेस दे रखा था। वह हर यूजर आईडी के बदले 45 हजार रुपये लेता था, जिसमें से 35 हजार अकील सैफी को देता और बाकी रकम खुद रखता था। एक आईडी से रोजाना औसतन 20 से 25 आधार कार्ड बनाए जाते थे।

भारी मात्रा में उपकरण और दस्तावेज बरामद

STF ने आरोपी के कब्जे से, 2 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 2 एटीएम कार्ड, 1 आधार कार्ड,1 चेक बुक, 1 बायोमैट्रिक स्कैनर, 1 रेटिना स्कैनर, 1 वेबकैम, 87 मोबाइल स्क्रीनशॉट, अन्य दस्तावेजों की छायाप्रति, 1 कार और 2680 रुपये नकद, बरामद किए हैं।

नेपाल भागने की थी तैयारी

पूछताछ में प्रमोद ने स्वीकार किया कि उसके नेटवर्क से 18 से 19 हजार फर्जी आधार कार्ड बनाए या अपडेट किए गए हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और नेपाल फरार होने की तैयारी में था। STF को पुख्ता सूचना मिलने पर 12 दिसंबर की सुबह करीब 4:30 बजे उसे रजनवा नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

STF अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और नेपाल कनेक्शन की गहन जांच में जुटी है।

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Manoj Pundir

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