उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के चिलकाना थाना क्षेत्र के ग्राम Choura Kala में हाल ही में हुए Special Intensive Revision (SIR) सर्वे के दौरान एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी-मामला सामने आया है। इस दौरान एक युवक — Samoon — जो पिछले तीन साल से सऊदी अरब में नौकरी कर रहा है, उसके नाम पर जमा फॉर्म में उसके रिश्तेदारों ने फर्जी हस्ताक्षर करके उसे मतदान सूची में दर्ज कराने की कोशिश की।
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कैसे हुआ खुलासा
30 नवंबर 2025 को खंड शिक्षा अधिकारी / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी Sanjay Dabral निरीक्षण के लिए ग्राम चौरा कलां गए थे। उन्होंने मतदान सूची के फॉर्म — जो BLO (बूथ-लेवल ऑफिसर) के पास जमा थे — का घर-घर जाकर मिलान शुरू किया।
जब वे Samoon के घर पहुँचे, तो वहाँ उसके भाई Akram मौजूद थे। Akram ने बताया कि Samoon पिछले तीन साल से सऊदी अरब में है और गांव नहीं आया। फिर भी फॉर्म पर Samoon का नाम और signature था। जांच में पाया गया कि यह हस्ताक्षर असली नहीं, बल्कि फर्जी था।
आगे की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी हस्ताक्षर Samoon के नजदीकी रिश्तेदार — Akram और उसके साथी Amjad — ने किए थे। वे ही फॉर्म BLO के पास जमा कर गये।
पुलिस कार्रवाई
3 दिसंबर 2025 को (निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर) एक प्राथमिकी मामला दर्ज किया गया, आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा और मतदान प्रक्रिया में धोखाधड़ी है; मामला Representation of the People Act, 1950 की धारा 31 के तहत दर्ज हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक नगर व सदर क्षेत्राधिकारी की देखरेख में एक टीम गठित हुई, जिसने 7 दिसंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों — Akram पुत्र जमील तथा Amjad पुत्र जमील — को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया है कि दोनों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को सख्ती से निपटाया जाएगा।
क्यों है यह मामला गंभीर
यह धोखाधड़ी सीधे मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनावी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती थी — एक ऐसा मामला जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
आरोप है कि BLO — यानी बूथ-लेवल ऑफिसर — ने बिना सच्ची पहचान और सत्यापन के फॉर्म स्वीकार कर लिए, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी शक होता है।
यदि ऐसे मामलों को न रोका गया, तो अवैध नामांकन, फर्जी मतदाता — चुनाव में धांधली और अवैध वोटिंग का भय रहेगा।
हाल-ही में SIR प्रक्रिया और अन्य फर्जीवाड़ों की बढ़ी शिकायतें
दरअसल, यह पहला मामला नहीं है — कुछ दिन पहले ही जिला Rampur में भी एक महिला के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी, जिसने अपने बाहर रह रहे बेटों के लिए फर्जी जानकारी दी थी।
इससे साफ होता है कि SIR (मतदाता सूची पुनरीक्षण) के तहत — जो देश में चुनावी प्रक्रिया की मर्यादा और निष्पक्षता के लिए है — कई जगह धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की कोशिशें हो रही हैं।
