उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 20 IAS अफसरों के तबादले, संदीप भागिया को बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ: यूपी सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिसमें कई महिला अफसरों को महत्वपूर्ण महकमों की कमान सौंपी गई है।
An official office room setup with the state emblem.
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को नया रूप देने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया है। राज्य में कुल 20 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले और नई तैनातियां की गई हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मुखिया बदले गए हैं, जिससे शासन स्तर पर काम को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। तबादला सूची जारी होते ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

इस नई सूची में महिला प्रशासनिक अधिकारियों को काफी तवज्जो दी गई है। वरिष्ठ IAS अधिकारी सुधा वर्मा को राज्य का नया श्रमायुक्त (लेबर कमिश्नर) नियुक्त किया गया है। वहीं, सारिका मोहन को महानिरीक्षक निबंधन (आईजी रजिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, युवा अधिकारी रिया केजरीवाल को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (ICDS) विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे इन विभागों में नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।

खनिज और खनन विभाग में भी एक बड़ा प्रशासनिक संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। IAS अधिकारी के रीभा को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ एडिशनल डायरेक्टर माइनिंग का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। खनन विभाग में अभी कोई नई सीधी तैनाती नहीं की गई है, बल्कि अरुण का प्रभार भी अब रीभा को हस्तांतरित कर दिया गया है। विभाग में अब 'माला और रीभा' की जोड़ी मिलकर खनन से जुड़े कार्यों और नीतियों की कमान संभालेगी।
इस प्रशासनिक फेरबदल में एक विवादित तैनाती ने भी सबका ध्यान खींचा है। महिला अधिकारियों के उत्पीड़न और कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे IAS अधिकारी संदीप भागिया को एक बेहद महत्वपूर्ण और 'प्राइम पोस्टिंग' दी गई है। सरकार ने उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) का नया प्रबंध निदेशक (MD) बनाकर तैनात किया है। भारी-भरकम बजट वाले इस बिजली निगम में उनकी तैनाती को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।

इसके साथ ही, राज्य कर (स्टेट टैक्स) विभाग में IAS अधिकारियों का वर्चस्व और ज्यादा बढ़ गया है। सरकार ने प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने के लिए नोएडा की तर्ज पर अब गाजियाबाद में भी एडिशनल कमिश्नर के पद पर एक IAS अधिकारी को तैनात कर दिया है। सरकार का यह कदम बड़े औद्योगिक और राजस्व वाले जिलों में कर चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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Manoj Pundir

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