सहारनपुर: जनसहभागिता और प्रशासनिक तालमेल से 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान बना जनआंदोलन, तय लक्ष्य के मुकाबले हासिल की 100.74 फीसदी ऐतिहासिक सफलता।
प्रशासनिक नेतृत्व और जनभागीदारी का अनूठा संगम
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय लिख दिया है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के कुशल मार्गदर्शन और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के चलते जिले ने वृक्षारोपण महायज्ञ में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस विशेष अभियान के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए रिकॉर्ड 47,90,736 पौधों का रोपण किया गया। जनसहभागिता के बल पर सहारनपुर ने इस अभियान में 100.74 प्रतिशत की सफलता अर्जित कर पूरे प्रदेश के सामने एक मिसाल पेश की है। हर वर्ग के लोगों ने इस मुहिम में अपनी ज़िम्मेदारी समझकर हिस्सा लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभियान की शुरुआत
इस बड़े हरित अभियान की शुरुआत विकासखंड बलियाखेड़ी से हुई, जहाँ राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से हवन-पूजन के बाद आम का पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपनी माँ के सम्मान में कम से कम एक पौधा ज़रूर लगाएं और उसकी संतान की तरह देखभाल करें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमारा स्वास्थ्य, स्वच्छ हवा और आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य केवल और केवल समृद्ध प्रकृति से ही संभव है, इसलिए वृक्षों का होना अनिवार्य है।
अधिकारियों ने खुद कमान संभालकर दिया संदेश
अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान खुद ज़मीन पर उतरे। उन्होंने जैनपुर इलाके में एनएचएआई क्षेत्र के पास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह और मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन के साथ मिलकर सीड बॉल तकनीक के माध्यम से पौधारोपण किया। इस आधुनिक तकनीक का उपयोग स्थानीय वनस्पतियों के संरक्षण और प्राकृतिक वनों के दायरे को बढ़ाने के लिए किया गया। अधिकारियों की इस सक्रियता ने ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों और आम लोगों के उत्साह को दोगुना कर दिया।
साझा दायित्व और भविष्य के संकल्प की झलक
नगर निगम क्षेत्र के प्रभाकर उद्यान में प्रमुख सचिव कृषि व जनपद के नोडल अधिकारी रविन्द्र और महापौर डॉ. अजय कुमार ने भी इस मुहिम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने 'एक पौधा माँ के नाम' और 'एक पौधा गुरु के नाम' कार्यक्रमों के अंतर्गत पौधे लगाए। नेताओं और अधिकारियों ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना किसी एक विभाग का काम नहीं, बल्कि हम सबका साझा दायित्व है। इसी तरह नागल विकासखंड के पनियाली कासमपुर गाँव में ग्रामीणों ने एक स्थानीय तालाब के चारों तरफ एक हज़ार पौधे रोपकर अपनी धरती को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया।
सरकारी कार्यक्रम से हटकर बना एक सामाजिक आंदोलन
सहारनपुर में चला यह सघन पौधारोपण अभियान सिर्फ कागज़ी आंकड़ों या सरकारी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक वास्तविक सामाजिक आंदोलन में बदल गया। इसमें जनप्रतिनिधियों, पुलिस-प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं और हज़ारों स्कूली छात्र-छात्राओं ने पूरे दिल से हिस्सा लिया। विधायक देवेंद्र निम ने भी कहा कि सिर्फ पौधा लगाना काफी नहीं है, बल्कि उसका संरक्षण करना सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। इस बड़ी कामयाबी ने साबित कर दिया है कि जब समाज और प्रशासन एक साथ मिलकर प्रयास करते हैं, तो बड़े बदलाव आते हैं।
