बेहट (सहारनपुर): शिवालिक पहाड़ियों में मूसलाधार बारिश से बरसाती नदियां उफान पर, जैतपुर के पास सहंश्रा नदी के तेज बहाव में बहे दो बाइक सवारों को ग्रामीणों ने सूझबूझ से सुरक्षित निकाला।
शिवालिक पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में पिछले कुछ घंटों से हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अचानक हुई इस मूसलाधार बारिश की वजह से क्षेत्र की सभी बरसाती नदियां और नाले पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। पहाड़ों से आ रहे पानी के भारी इनफ्लो के कारण मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
इस प्राकृतिक आपदा के बीच तहसील बेहट इलाके के जैतपुर गांव के पास से गुजर रही सहंश्रा नदी में अचानक पानी का बेहद तेज बहाव आ गया। नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि वहां से गुजर रहे राहगीरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते नदी के रपटे पर पानी का स्तर कई फीट ऊपर पहुंच गया और जलधारा इतनी शक्तिशाली हो गई कि उसने रास्ते से गुजरने वाले वाहनों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
इसी दौरान नदी पार करने की कोशिश कर रहे दो बाइक सवार पानी की इस प्रचंड धार की चपेट में आ गए। तेज बहाव के कारण दोनों मोटरसाइकिलें अनियंत्रित होकर बहने लगीं। इन बाइकों पर एक महिला सहित दो लोग सवार थे, जो पानी के तेज थपेड़ों के साथ नदी में बहने लगे। चीख-पुकार मचने के बाद वहां हड़कंप मच गया और पानी की रफ्तार को देखकर एक समय ऐसा लगा कि दोनों डूब जाएंगे।
इस संकट की घड़ी में मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने अभूतपूर्व साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए कई ग्रामीण तुरंत उफनती नदी में कूदे और मानव श्रृंखला बनाकर बह रहे लोगों तक पहुंचे। ग्रामीणों की मुस्तैदी के कारण पानी में बह रही महिला और पुरुष दोनों को बेहद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर नदी में दूर तक बह चुकीं दोनों मोटरसाइकिलों को भी रस्सियों के सहारे खींचकर बाहर निकाला।
इस पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों का यह हैरतअंगेज रेस्क्यू ऑपरेशन साफ देखा जा सकता है। लोग ग्रामीणों के इस बहादुरी भरे कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं। प्रशासन ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों और राहगीरों से अपील की है कि वे पहाड़ियों में हो रही बारिश के दौरान बरसाती नदियों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, क्योंकि पहाड़ों का पानी बेहद अप्रत्याशित रफ्तार से नीचे आता है।
