सहारनपुर के घंटाघर के पास एसएएम इंटर कॉलेज के सामने जलभराव से डूबे निचले मकान; नगर निगम की टीमें शाम तक आपूर्ति बहाल करने और मरम्मत कार्य में जुटीं।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शहर के व्यस्ततम इलाके घंटाघर के पास एक मुख्य पानी की पाइपलाइन अचानक फट गई। यह हादसा एसएएम इंटर कॉलेज के ठीक सामने मुख्य सड़क पर हुआ, जिससे देखते ही देखते लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहने लगा। पाइपलाइन फटने का दबाव इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका एक छोटे तालाब में तब्दील हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
पाइपलाइन फटने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी एसएएम इंटर कॉलेज के आसपास स्थित आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ी। सड़क पर जमा पानी तेजी से निचले इलाकों में बने मकानों की जमीनी मंजिल (ग्राउंड फ्लोर) में दाखिल हो गया। देखते ही देखते दर्जनों घरों के कमरों, रसोई और आंगनों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों का घरेलू सामान, राशन और कीमती उपकरण पूरी तरह भीग कर खराब हो गए।
जलभराव की इस गंभीर स्थिति के बीच सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन को इलाके की बिजली काटनी पड़ी। प्रभावित परिवारों ने शिकायत की है कि घरों में अचानक पानी भरने और बिजली गुल हो जाने से उनका पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पीने के पानी का संकट खड़ा होने और उमस भरी गर्मी में बिजली न होने के कारण बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान स्थानीय लोगों ने तुरंत नगर निगम को सूचना देकर राहत कार्य शुरू करने की गुहार लगाई।
स्थानीय निवासियों की भारी नाराजगी और शिकायत मिलने के तुरंत बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। आनन-फानन में जलकल विभाग के अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की एक बड़ी टीम भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। नगर निगम की टीम ने सबसे पहले प्रभावित लाइन की मुख्य कैनाल से जलापूर्ति को रोका और फटी हुई ट्यूबिंग (पाइप) को बदलने व रिसाव को पूरी तरह बंद करने के काम में जुट गई। अधिकारियों का कहना है कि काम युद्धस्तर पर जारी है।
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि शाम तक मरम्मत का कार्य पूरा कर जलापूर्ति को दोबारा सुचारू कर दिया जाएगा। साथ ही, घरों में घुसे पानी को निकालने के लिए सक्शन पंप लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम भले ही तात्कालिक राहत दे रहा हो, लेकिन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुरानी पाइपलाइनों की स्थायी मरम्मत की जानी चाहिए और किसी भी लीकेज की स्थिति में समय रहते चेतावनी जारी करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
