चेन्नई व तमिलनाडु में आज रात दिखेगा जेमिनिड उल्का वर्षा का अद्भुत नज़ारा, 14–15 दिसंबर की रात रहेगी खास

चेन्नई। आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 14 दिसंबर की रात से 15 दिसंबर की सुबह तक का समय बेहद खास रहने वाला है। चेन्नई समेत पूरे तमिलनाडु में वर्ष की सबसे शानदार और भरोसेमंद मानी जाने वाली जेमिनिड उल्का वर्षा (Geminid Meteor Shower) देखने को मिलेगी। इसे खगोलविद “उल्का वर्षाओं का राजा” भी कहते हैं।

जेमिनिड उल्का वर्षा की शुरुआत पहली बार 19वीं सदी के मध्य में देखी गई थी। शुरुआती दौर में इसमें प्रति घंटे केवल 10 से 20 उल्काएं दिखाई देती थीं, लेकिन समय के साथ इसकी सक्रियता लगातार बढ़ती गई। आज स्थिति यह है कि जेमिनिड्स दुनिया की सबसे शक्तिशाली वार्षिक उल्का वर्षाओं में गिनी जाती है। अगस्त में होने वाली पर्सीड उल्का वर्षा ही इसकी बराबरी कर पाती है।

जेमिनिड उल्का वर्षा का स्रोत
अन्य अधिकांश उल्का वर्षाओं के विपरीत, जेमिनिड्स का स्रोत कोई धूमकेतु नहीं बल्कि एक क्षुद्रग्रह है। इसका मूल स्रोत क्षुद्रग्रह 3200 फेथॉन (Asteroid 3200 Phaethon) है। इस क्षुद्रग्रह की खोज 11 अक्टूबर 1983 को IRAS (इन्फ्रारेड एस्ट्रोनॉमिकल सैटेलाइट) के आंकड़ों के आधार पर साइमन ग्रीन और जॉन डेविस ने की थी। शुरुआत में इसे 1983 TB नाम दिया गया था, बाद में इसका नाम 3200 फेथॉन रखा गया।
The spectacular Geminid Meteor Shower will light up the skies over Chennai and Tamil Nadu on the night of 14–15 December.
फेथॉन की कक्षा बेहद असामान्य है। यह सूर्य के बेहद करीब से गुजरता है—यहां तक कि बुध ग्रह से भी ज्यादा नजदीक—और फिर मंगल ग्रह की कक्षा से बाहर तक चला जाता है। हर साल दिसंबर के मध्य में पृथ्वी इस क्षुद्रग्रह द्वारा छोड़े गए मलबे के रास्ते से गुजरती है, जिससे जेमिनिड उल्का वर्षा दिखाई देती है।

चरम समय और संभावित संख्या
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, जेमिनिड उल्का वर्षा का चरम समय 14 दिसंबर की रात से 15 दिसंबर 2025 की तड़के तक रहेगा।

सबसे अच्छा समय: रात करीब 2:00 बजे
संभावित दर: आदर्श और अंधेरे आसमान में प्रति घंटे 100 तक उल्काएं दिखाई दे सकती हैं

चेन्नई और तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों के लिए यह साल की सबसे बेहतरीन खगोलीय घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

जेमिनिड उल्का वर्षा कैसे देखें
1. शहर की रोशनी से दूर किसी खुले और अंधेरे स्थान का चयन करें

2. आधी रात के बाद देखना सबसे बेहतर रहेगा, खासकर 2 बजे के आसपास

3. आंखों को अंधेरे का अभ्यस्त होने के लिए कम से कम 20 मिनट दें

4. उल्काएं कभी तेज़ी से दिखती हैं, कभी कुछ देर का अंतर आता है—धैर्य रखें

5. आराम से लेटकर पूरे आकाश पर नजर रखें, उल्काएं कहीं भी दिख सकती हैं

6. दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत नहीं, सिर्फ खुली आंखें ही काफी हैं


आकाश प्रेमियों के लिए सुनहरा मौका
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम साफ रहने पर चेन्नई और तमिलनाडु के लोग इस खगोलीय दृश्य का भरपूर आनंद ले सकते हैं। यह नजारा न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आम लोगों के लिए भी प्रकृति की एक अद्भुत और रोमांचक प्रस्तुति है।
और नया पुराने

ads

ads

Manoj Pundir

Contact Us

Subscribe to Jan Raj News

MK AI ChatBot

Subscribe to Jan Raj News

✅ Jan Raj News added to Home Screen!