कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय रेलवे द्वारा किए गए तर्कसंगत और वैज्ञानिक सुधारों के चलते दैनिक ट्रेनों की औसत संख्या बढ़कर 11,740 पहुँच गई है, जो महामारी से पहले की 11,283 ट्रेनों की तुलना में अधिक है। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या भी बढ़कर 2,238 हो गई है, जबकि कोविड-पूर्व यह संख्या 1,768 थी। यह जानकारी केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर के रूप में दी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन – रात्रिकालीन यात्रा का नया युग
लंबी और मध्यम दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को और आरामदायक बनाने के लिए स्वदेशी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार की गई है।
दो रैक का निर्माण पूरा हो चुका है, जो इस समय परीक्षण और चालू प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
इन ट्रेनों में कई उन्नत तकनीकी व सुरक्षा सुविधाएँ शामिल हैं—
कवच तकनीक
180/160 किमी प्रति घंटा की उच्च ऑपरेटिंग स्पीड
क्रैशप्रूफ व झटके-रहित कपलर
आग सुरक्षा के EAN–45545 HL3 मानक
उन्नत एयरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली
रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, UV-C आधारित शुद्धिकरण
स्वचालित प्लग दरवाजे, सीलबंद चौड़े गलियारे
सभी कोचों में CCTV कैमरे
दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय
ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए नई एर्गोनॉमिक सीढ़ियाँ
164 वंदे भारत चेयर कार ट्रेनें पहले से चल रहीं
वर्तमान में भारतीय रेलवे नेटवर्क पर 164 चेयर कार वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। नई ट्रेनों की शुरुआत एक सतत प्रक्रिया है, जो मार्ग क्षमता, इंफ्रास्ट्रक्चर, उपलब्ध रोलिंग स्टॉक और मार्ग की सुविधा पर निर्भर करती है।
कोविड के दौरान रेल संचालन में वैज्ञानिक बदलाव
23 मार्च 2020 से भारतीय रेलवे ने सभी नियमित यात्री ट्रेन सेवाएँ रोक दी थीं।
इसके बाद IIT मुंबई की सहायता से ट्रेन समय-सारणी का वैज्ञानिक ढंग से युक्तिकरण किया गया।
इसमें ट्रेन ठहरावों में कमी, रखरखाव कॉरिडोर ब्लॉक, गति व समय-पालन सुधार भी शामिल थे।
नवंबर 2021 से नियमित ट्रेन सेवाएँ संशोधित समय-सारणी के अनुसार शुरू कर दी गईं।
