मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी लेखपाल राजन कुमार शर्मा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई किसान की शिकायत पर की गई, जिसने जमीन की पैमाइश के नाम पर मांगी जा रही रिश्वत के खिलाफ आवाज उठाई थी।
कैसे हुआ खुलासा?
चरथावल क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान नरेंद्र कुमार शर्मा अपनी जमीन की पैमाइश कराने के लिए चकबंदी लेखपाल राजन कुमार शर्मा के संपर्क में आए। किसान का आरोप है कि लेखपाल ने पैमाइश के बदले उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। किसान ने कम रकम देने की बात कही, लेकिन लेखपाल अपनी मांग पर अड़ा रहा।
भ्रष्टाचार की यह बात किसान ने सीधे सहारनपुर एंटी करप्शन थाने में जाकर बताई। प्रभारी निरीक्षक द्वारा प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक विशेष टीम गठित की गई और लेखपाल को पकड़ने की योजना बनाई गई।
जाल बिछाया गया और लेखपाल फंस गया
लेखपाल ने किसान को रकम लेकर रामपुरी स्थित अपने कार्यालय बुलाया था। जैसे ही किसान ने 20 हजार रुपये लेखपाल को सौंपे, पहले से तैयार एंटी करप्शन की विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर ही रिश्वत की रकम बरामद की गई।
इसके बाद आरोपी लेखपाल को शहर कोतवाली लाया गया, जहां एंटी करप्शन थाने के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह के नेतृत्व में उससे पूछताछ की गई। टीम ने उसके कार्यालय और आवास की भी तलाशी ली है।
कानूनी कार्रवाई शुरू
आरोपी चकबंदी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की विवेचना भी एंटी करप्शन टीम द्वारा की जाएगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है कि रिश्वतखोरों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
