नई दिल्ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD) के संयुक्त तत्वावधान में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आयोजित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा बैच सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 25 ट्रांसजेंडर प्रतिभागियों को उद्यमिता, स्वरोजगार एवं लघु व्यवसाय शुरू करने से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल का विकास करना तथा उन्हें मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना तैयार करना, वित्तीय प्रबंधन, विपणन रणनीतियां, सरकारी योजनाओं एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी दी गई।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्पष्ट किया कि यह पहल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय स्तर पर भविष्य में इस प्रकार के और भी उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल आजीविका के नए अवसर सृजित करेंगे, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देंगे।


