राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर स्थित रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत विकसित किए गए इस स्टेशन में स्थानीय राजस्थानी कला, विरासत और आधुनिक वास्तुकला का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। नए स्वरूप में जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब न केवल यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
पुनर्विकसित स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिफ्ट और एस्केलेटर की व्यवस्था की गई है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवागमन में आसानी होगी। इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडर्न प्रतीक्षालय विकसित किए गए हैं, जहां यात्री आरामदायक वातावरण में अपनी ट्रेन की प्रतीक्षा कर सकेंगे।
स्टेशन पर बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। सुव्यवस्थित कॉनकोर्स और सर्कुलेटिंग एरिया के निर्माण से यात्रियों की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है। इसके अलावा, यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए क्लॉक रूम की सुविधा भी प्रदान की गई है।
फुट ओवर ब्रिज के निर्माण से प्लेटफार्मों के बीच आवागमन अब और अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक हो गया है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से अनुकूल सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे सभी यात्रियों को समान और सम्मानजनक यात्रा अनुभव मिल सके।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, जैसलमेर रेलवे स्टेशन का यह नया स्वरूप क्षेत्रीय विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





