सहारनपुर में ठंड ने अब अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों से जिले का न्यूनतम तापमान लगातार गिरता जा रहा है और यह 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। ठंड बढ़ने के साथ ही आम जनजीवन पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। सुबह और रात के समय सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जबकि खुले में काम करने वाले मजदूरों और रिक्शा चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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इस बार अब तक बारिश नहीं होने के कारण सहारनपुर में सूखी ठंड पड़ रही है, जिससे ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि कोई भी व्यक्ति रात के समय खुले में न सोए।
हालांकि प्रशासन की अपील के बावजूद शहर में कई गरीब, मजदूर और बेसहारा लोग सड़क किनारे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और दुकानों के बाहर रात गुजारने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। रैन बसेरों में कंबल, गर्म पानी और ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण बीमार न पड़े।
प्रशासन की टीम लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण कर रही है और खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। समाजसेवी संगठनों की ओर से भी जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े वितरित किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अपने आसपास जरूरतमंदों की मदद करें, ताकि इस कड़ाके की ठंड में किसी की जान जोखिम में न पड़े।
