पाकिस्तान ने एक बा
र फिर भारत पर जल विवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि भारत झेलम और नीलम नदियों के पानी के प्रवाह को रोककर और अचानक छोड़कर एक नए तरह के “वॉटर वॉर” की स्थिति पैदा कर रहा है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इन नदियों में पानी के प्रवाह में अचानक आई गिरावट से पाकिस्तान के निचले इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है।पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि हाल के दिनों में झेलम और नीलम नदियों का जल प्रवाह घटकर लगभग 3,000 क्यूसेक रह गया है, जबकि पहले यह 5,000 क्यूसेक से अधिक था। इसका सीधा असर मीरपुर स्थित मंगला डैम में आने वाले पानी पर पड़ा है, जहां जल आवक में भारी कमी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब पाकिस्तान में रबी फसलों की बुवाई का अहम दौर चल रहा है।
इससे पहले पाकिस्तान ने चिनाब नदी के जल प्रवाह में भी असामान्य गिरावट को लेकर चिंता जताई थी। पाकिस्तानी नेतृत्व का कहना है कि यदि पानी की उपलब्धता इसी तरह कम होती रही, तो देश की कृषि व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और लाखों लोगों की आजीविका पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने दशकों पुराने सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को निलंबित कर दिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव और गहरा गया। इसके बाद से ही जल बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक बड़ा विवाद बिंदु बनकर उभरा है।
पाकिस्तान की ओर से तीखी बयानबाजी के बावजूद भारत ने इन ताजा आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह जल विवाद भारत-पाक रिश्तों में और अधिक तनाव पैदा कर सकता है।
