भारतीय रक्षा लेखा सेवा (Indian Defence Accounts Service – IDAS) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने बदलते वैश्विक परिदृश्य, उभरती सुरक्षा चुनौतियों और रक्षा क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्तमान समय में भू-राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं और सुरक्षा से जुड़े निर्णय पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी, सटीकता और दूरदर्शिता के साथ लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज रक्षा से जुड़े व्यवसायिक प्रक्रियाएं भी अधिक जटिल और प्रौद्योगिकी-आधारित होती जा रही हैं, ऐसे में रक्षा लेखा सेवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
राष्ट्रपति ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि रक्षा लेखा सेवा न केवल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाती है, बल्कि सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में भी योगदान देती है।
इस दौरान राष्ट्रपति ने अधिकारियों को बदलती तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नवाचार, निरंतर सीखने और पेशेवर ईमानदारी को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाना होगा।
भेंट के अंत में राष्ट्रपति ने सभी परिवीक्षाधीन अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और राष्ट्रसेवा में उनके योगदान के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

