रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूरोपीय संघ (EU) को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यूक्रेन की सहायता के लिए रूस की जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल किया गया, तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम होंगे।
पुतिन ने जमे हुए रूसी परिसंपत्तियों के उपयोग को सीधे तौर पर ‘डकैती’ करार देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ इस योजना को आगे इसलिए नहीं बढ़ा सका, क्योंकि उसे इसके गंभीर नतीजों का अंदेशा था। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जब यह कदम खुले तौर पर लूट के समान है, तो इसे अंजाम क्यों दिया जाना चाहिए?
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि यूरोपीय संघ यूक्रेन को वित्तीय सहायता देने के लिए जमी हुई रूसी संपत्तियों के उपयोग को मंजूरी देता, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ता। इसी डर के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
पुतिन ने यूरोपीय संघ द्वारा यूक्रेन को 90 अरब यूरो का कर्ज देने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में रूसी संपत्तियों का उपयोग करना अंतरराष्ट्रीय कानून और वित्तीय नैतिकता के खिलाफ होगा। ऐसा कदम वैश्विक निवेशकों का भरोसा तोड़ेगा और यूरो क्षेत्र की आर्थिक विश्वसनीयता को गंभीर रूप से कमजोर करेगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर भविष्य में इस तरह का कोई फैसला लिया गया, तो रूस चुप नहीं बैठेगा और उसका जवाब दिया जाएगा।
