करनाल पुलिस द्वारा आमजन को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज करनाल साइबर थाना परिसर में एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान साइबर पुलिस टीम के सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार एवं सहायक उप निरीक्षक रामफुल ने उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधों के बढ़ते तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास कर बैंक खाते, एटीएम, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से संबंधित जानकारी साझा न करें। साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले अनजान लिंक को खोलने से बचें और अपने सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।
अधिकारियों ने लोगों को ओटीपी साझा न करने, अनजान व्यक्तियों की वीडियो कॉल न उठाने तथा ऑनलाइन सस्ते सामान के लालच में आकर खरीदारी न करने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस वर्दी में वीडियो कॉल कर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाने वाले ठगों से सतर्क रहने की अपील की।
साइबर पुलिस टीम ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है स्वयं सतर्क रहना और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना। करनाल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर ठगों से सुरक्षित रखना और समय रहते अपराधों पर रोक लगाना है।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध की घटना घटित होती है तो वह बिना देरी किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या Cybercrime.gov.in वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
News Source: Karnal Police
Photo Source: Karnal Police
Editor/Reporter: Manoj Kumar

