आंध्र प्रदेश में रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में गुंटूर–गुंतकल रेल लाइन दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण परियोजना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है। कुल 401 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में से 359 किलोमीटर रेल खंड का कार्य पूर्ण कर उसे कमीशन कर दिया गया है। इससे इस पूरे क्षेत्र में रेल परिचालन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाना आसान होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और समय पर सेवाएं मिल सकेंगी। वहीं, विद्युतीकरण से ट्रेनों की औसत गति में सुधार होगा और परिचालन लागत में भी कमी आएगी। इसका सीधा लाभ यात्रियों के साथ-साथ रेलवे की कार्यक्षमता पर भी पड़ेगा।
यह परियोजना विशेष रूप से रायलसीमा क्षेत्र के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इसके पूरा होने से विशाखापत्तनम, कोलकाता और पूर्वी भारत के अन्य प्रमुख शहरों की ओर जाने वाले रेल मार्ग अधिक सुगम और तेज होंगे। साथ ही मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आने से औद्योगिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेल विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार लाएगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल रेल परिवहन को भी प्रोत्साहित करेगी। डीजल पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण में कमी आएगी और ऊर्जा की बचत होगी। कुल मिलाकर, गुंटूर–गुंतकल रेल परियोजना आंध्र प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
News Source: Indian Railways / Official Release
Photo Source: Indian Railways
Editor/Reporter: Manoj Kumar
