प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत न केवल भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों का संरक्षक है, बल्कि उनकी करुणा, शांति और अहिंसा की परंपरा का आज भी जीवंत वाहक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में भारत को पुनः प्राप्त हुए पिपरहवा के बुद्ध अवशेष, अवशेष पात्र (रिलिक्वेरी) और बहुमूल्य रत्न अवशेष देश की समृद्ध बौद्ध विरासत का प्रतीक हैं। ये अवशेष न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों की आस्था से भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज के समय में वैश्विक शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के माध्यम से भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध परंपरा को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है।
प्रदर्शनी में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह आयोजन भारत की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को भी सशक्त रूप से दर्शाता है।

