नई दिल्ली।
केंद्रीय ऊर्जा तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में 18 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में ऊर्जा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश के बिजली क्षेत्र को मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ड्राफ्ट विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए कहा कि यह विधेयक विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत के ऊर्जा क्षेत्र की विधायी नींव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बिजली क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
श्री मनोहर लाल ने गैर-जीवाश्म स्रोतों से बिजली के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सतत ऊर्जा को अपनाना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से विधेयक में गैर-जीवाश्म स्रोतों से न्यूनतम बिजली उपयोग की बाध्यता का प्रस्ताव किया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों को बल मिलेगा।
बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने समिति के सभी सदस्यों और प्रतिभागियों का उनके बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने विधेयक को अंतिम रूप देने और संसद में पारित कराने के लिए सभी के सहयोग का आह्वान किया, ताकि इसका लाभ देश और आम जनता तक पहुंच सके।
