भारत की स्टार एथलीट ज्योति यार्राजी ने 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 29 मई को दक्षिण कोरिया के गुमी शहर में आयोजित 100 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में ज्योति ने 12.96 सेकंड का शानदार समय निकालते हुए न सिर्फ पहला स्थान हासिल किया, बल्कि 27 वर्षों से चला आ रहा चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
लगभग शांत स्टेडियम में हुई इस ऐतिहासिक दौड़ ने इस जीत को और भी भावनात्मक बना दिया। जैसे ही तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान गूंजा, ज्योति की आंखों से निकले आंसू उनके संघर्ष, त्याग और वर्षों की कठिन मेहनत की कहानी बयां कर रहे थे।
विशाखापत्तनम के एक साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली ज्योति यार्राजी का सफर आसान नहीं रहा। चोटों, तकनीकी बदलावों और लगातार कड़े प्रशिक्षण के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर चुनौती से मजबूत होकर उभरने वाली ज्योति आज एशिया की निर्विवाद हर्डल्स क्वीन बन चुकी हैं।
यह स्वर्ण पदक केवल एक जीत नहीं, बल्कि जज़्बे, धैर्य और आत्मविश्वास की जीत है, जिसने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
