यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। अयोध्या जिले के एक परिवार पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है।
अयोध्या के पूरे दरोगा पुरवा कुरावन गांव निवासी जगतराम यादव के 32 वर्षीय एकलौते बेटे प्रदीप कुमार गोंडा की लक्ष्मी होलीडेज बस से दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में बस की टक्कर के बाद उसमें भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
स्वजनों का कहना है कि प्रदीप की मौत आग में जलने से हुई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। शव की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है, जिसके लिए परिजनों के सैंपल लिए गए हैं।
इस हादसे ने परिवार की खुशियां पूरी तरह छीन लीं। प्रदीप की छोटी बहन प्रियंका की शादी 30 अप्रैल को तय थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। कपड़ों और गहनों की खरीदारी की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन हादसे की खबर ने सब कुछ थाम दिया।
सोमवार रात करीब नौ बजे प्रदीप ने बस में बैठते समय अपनी पत्नी जयश्री को फोन किया था। उसने कहा था कि मोबाइल की बैटरी खत्म होने वाली है और दिल्ली पहुंचकर चार्ज करने के बाद सुबह बात करेगा। दो साल पहले ही प्रदीप की शादी हुई थी और वह संतान सुख की आस लगाए हुए था। मोबाइल बंद होने के बाद फिर संपर्क नहीं हो सका। मंगलवार सुबह हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
