आत्मनिर्भर तकनीक से स्वच्छ रेल पटरियों की ओर कदम, साबरमती लोको शेड में वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक क्लीनर शुरू

भारतीय रेलवे ने स्वदेशी तकनीक और सतत विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गुजरात के साबरमती स्थित लोको शेड में रेलवे द्वारा इन-हाउस विकसित वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक क्लीनर की शुरुआत की गई है। इस नई तकनीक का उद्देश्य रेल पटरियों की सफाई को अधिक प्रभावी, पर्यावरण अनुकूल और किफायती बनाना है।
Indian Railways launches an in-house Vacuum Assisted Track Cleaner at Sabarmati Loco Shed to promote eco-friendly and cost-effective rail corridor cleanliness.

Indian Railways launches an in-house Vacuum Assisted Track Cleaner at Sabarmati Loco Shed to promote eco-friendly and cost-effective rail corridor cleanliness.

Indian Railways launches an in-house Vacuum Assisted Track Cleaner at Sabarmati Loco Shed to promote eco-friendly and cost-effective rail corridor cleanliness.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह मशीन पटरियों के बीच और आसपास जमी धूल, कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को वैक्यूम तकनीक के माध्यम से साफ करती है, जिससे रेल कॉरिडोर अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनेंगे। इससे न केवल रखरखाव की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि मैनुअल श्रम पर निर्भरता भी कम होगी।

यह ट्रैक क्लीनर पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती प्रदान करता है। इसकी लागत कम होने के साथ-साथ यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तरीकों की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और टिकाऊ है। रेलवे का मानना है कि भविष्य में इस तकनीक को अन्य लोको शेड और रेल सेक्शनों में भी लागू किया जाएगा।

इस पहल से न सिर्फ रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित रेल नेटवर्क का लाभ मिलेगा। भारतीय रेलवे की यह पहल स्वच्छता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।
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Manoj Pundir

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