बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसी बीच मयमनसिंह जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित रूप से धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और भय का माहौल और गहरा हो गया है।
मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो मयमनसिंह के स्क्वायर मास्टरबारी क्षेत्र में स्थित एक पायनियर निट कंपोजिट फैक्ट्री में मजदूरी करता था। बताया जा रहा है कि विश्व अरबी भाषा दिवस के अवसर पर फैक्ट्री परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दीपू पर इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया। इसी बात को लेकर मौके पर मौजूद लोग भड़क उठे और देखते ही देखते हालात हिंसक हो गए।
आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने दीपू चंद्र को घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद भीड़ का उन्माद यहीं नहीं रुका। भालुका मॉडल थाना के इंस्पेक्टर (जांच) अब्दुल मलिक के अनुसार, हमलावरों ने शव को ढाका–मयमनसिंह राजमार्ग के किनारे फेंक दिया और उसमें आग लगा दी, जिससे दोनों ओर का यातायात ठप हो गया। बाद में अधजले शव को पेड़ से बांधकर दोबारा जलाया गया, जिससे क्षेत्र में भय और तनाव और बढ़ गया।
घटना की जानकारी मृतक के परिवार को सीधे प्रशासन से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए मिली। एनडीटीवी से बातचीत में दीपू के पिता रविलाल दास ने बताया कि बेटे की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने कार्रवाई करते हुए अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरएबी-14 ने विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
