नई दिल्ली — भारत के उप राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में प्राचीन तमिल शासक सम्राट पेरुंबिदुगु मुथरैय्यर द्वितीय (सुवरण मारन) के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह कार्यक्रम तमिल संस्कृति और भारत की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया।
उपराष्ट्रपति ने अपने सम्बोधन में कहा कि सम्राट पेरुंबिदुगु मुथरैय्यर प्राचीन तमिलनाडु के सबसे प्रतिष्ठित शासकों में से एक थे और उनका शासन लगभग चार दशक तक तिरुचिरापल्ली से चला। उनके शासनकाल को प्रशासनिक स्थिरता, क्षेत्रीय विस्तार, सांस्कृतिक संरक्षण और सैन्य कौशल के लिए जाना जाता है।
उन्होने डाक टिकट जारी करते हुए कहा कि तमिल संस्कृति, भाषा तथा तमिलनाडु के गुमनाम शासकों और स्वतंत्रता सेनानियों को पहचान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार तमिल विरासत को संरक्षित और सम्मानित करने के अनेक प्रयास कर रही है, जिनमें काशी तमिल संगमम् जैसी पहलों का उल्लेख भी शामिल है।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि तमिलनाडु के कई स्थानों पर मिले शिलालेख इस शासक के मंदिरों, सिंचाई योजनाओं और तमिल साहित्य के प्रति योगदान के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट पेरुंबिदुगु मुथरैय्यर का शासन दक्षिण भारतीय इतिहास में एक विशिष्ट स्थान रखता है।
उपेक्रिया रूप से उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय प्राथमिकता आज भारत की सांस्कृतिक विरासत और महान नेताओं की धरोहर का दस्तावेजीकरण, सम्मान और संरक्षण करना है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को इसके महत्व के बारे में पता चले।
इस अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, तथा सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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