सहारनपुर। जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार प्रत्येक थाने में गठित टीमों तथा सर्विलांस सेल के संयोजन से CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उपयोग कर कई भिन्न-भिन्न तिथियों पर कुल 180 गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए — जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹40 लाख है। बरामद किए गए उपकरणों को उनके सही मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया और फोन वापसी पर नागरिकों ने पुलिस को धन्यवाद व्यक्त किया।
कैसे हुई कार्रवाई (प्रोसेस):
हर थाने में CEIR पोर्टल पर मिसिंग/गुम मोबाइल की रिपोर्ट अपलोड करने के लिए टीम और नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए।
सर्विलांस सेल ने पोर्टल पर उपलब्ध IMEI/प्रार्थना-पत्र डाटा का ट्रैकिंग व मिलान किया और संभावित लोकेशनों/हॉटस्पॉट्स का पत्ता लगाकर संबंधित थानों को सूचना दी।
थाने पर गठित टीमों ने फील्ड रेड/तलाश/जांच कर फोन बरामद कर स्वामियों को सौंपे — और कुछ मामलों में फोन स्थानीय बाजारों/कलेक्शन पॉइंट्स से मैच कर वापस मिले।
अभियान का नेतृत्व और पर्यवेक्षण:
इस अभियान में जिले के पुलिस वरिष्ठ अधिकारी एवं सर्विलांस सेल प्रमुखों की सक्रिय भूमिका रही। इस सफल ऑपरेशन का श्रेय सर्विलांस सेल और थाने स्तर की टीमों को दिया जा रहा है। (स्थानीय पुलिस बुलेटिन और जिला पोस्टिंग्स में इस अभियान का वर्णन उपलब्ध है)।
बरामद मोबाइलों का ब्रँड-वाइज विवरण:
Redmi/Realme — 49
Samsung — 30
Vivo — 30
Oppo — 34
Motorola — 08
OnePlus — 08
Tecno/Poco — 21
(कुल = 180) — ये विवरण स्थानीय रिपोर्टिंग और पुलिस हैंडओवर रिपोर्ट में प्रकट किये गये हैं।
नागरिक प्रतिक्रिया और हैंडओवर विधि:
पुलिस ने मोबाइल मालिकों को पुलिस लाइंस/थाने पर बुलाकर पहचान कर के फोन सौंपे। फोन मिलने पर नागरिकों ने सहारनपुर पुलिस की तकनीकी मदद व तत्परता की सराहना की। कुछ स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार अधिकारियों ने आगे भी CEIR के समुचित उपयोग व जागरूकता बढ़ाने का संकल्प जताया।
CEIR पोर्टल — संक्षिप्त जानकारी व उपयोग क्यों ज़रूरी है:
CEIR (Central Equipment Identity Register) एक राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ खोया/चोरी हुआ मोबाइल उसके IMEI के जरिए ब्लैकलिस्ट/ट्रैक किया जाता है — इससे चोरी हुए उपकरणों का इस्तेमाल कठिन होता है और पुलिस को ट्रेस करने में मदद मिलती है। नागरिकों को अपना IMEI सुरक्षित रखना और फोन खोने पर तत्काल CEIR/पुलिस को रिपोर्ट कराना चाहिए। (विस्तृत निर्देश तथा शिकायत-प्रक्रिया संबंधित आधिकारिक पोर्टल/थाने द्वारा उपलब्ध कराये जाते हैं)।
आगे की योजनाएँ (सुझाव व पुलिस का फोकस):
CEIR पोर्टल पर रिपोर्टिंग को और तेज तथा पारदर्शी बनाना।
थानेवार टीमों की नियमित ट्रेनिंग ताकि IMEI-ट्रैकिंग व फील्ड एक्शन और प्रभावी हो।
जनता में जागरूकता अभियान — IMEI नोट करने, मोबाइल सुरक्षा व समय पर रिपोर्टिंग के बारे में।

