मोबाइल यूजर्स के लिए साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है। फर्जी APK फाइलों के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ाए जा रहे हैं। ठग फर्जी लोन ऐप, गेम, इनाम या कैशबैक के नाम पर लोगों को APK फाइल भेजते हैं, जिसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल पूरी तरह उनके नियंत्रण में चला जाता है।
जैसे ही यह खतरनाक फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होती है, ठग फोन के ओटीपी, बैंक डिटेल्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट और निजी डाटा तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में पीड़ित को भनक तक नहीं लगती और कुछ ही मिनटों में खाते से बड़ी रकम निकल जाती है। साइबर अपराधी व्हाट्सएप, मैसेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ऐसे लिंक और फाइलें भेज रहे हैं।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें। इसके अलावा मोबाइल में अनजान ऐप को तुरंत हटाएं और सुरक्षा सेटिंग्स मजबूत रखें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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