पुणे: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने पुणे के 'यशदा' (YASHADA) संस्थान में PM-SETU (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs) योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में देश के प्रमुख क्षेत्रों की 40 से अधिक दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी आईटीआई (ITI) संस्थानों को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप ढालना, उनके पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
कौशल विकास मंत्रालय की सचिव देबश्री मुखर्जी और महाराष्ट्र सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा के नेतृत्व में हुई इस बैठक में चर्चा की गई कि कैसे आईटीआई को 'सरकारी स्वामित्व वाले और उद्योग प्रबंधित' संस्थानों में बदला जाए। सचिव मुखर्जी ने जोर दिया कि 60,000 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुधारना और विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करना है। इसके तहत अब उद्योग जगत सीधे तौर पर शासन, प्रशिक्षकों के कौशल विकास और छात्रों के प्लेसमेंट में भागीदारी निभाएगा।
न्यूज़ सोर्स: कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)
फोटो सोर्स: यशदा (YASHADA) इवेंट गैलरी
रिपोर्टर: डेस्क रिपोर्ट
