08 दिसम्बर — स्वर्गीय जनरल बिपिन चन्द्र रावत की पुण्यतिथि पर विशेष राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व और अदम्य साहस की अमर प्रतीक

08 दिसम्बर… यह तिथि भारतीय इतिहास में केवल एक दिन नहीं, बल्कि भावनाओं, गौरव और गहन स्मृतियों का संवाहक है। आज ही के दिन वर्ष 2021 में देश ने अपने पहले चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेन्स स्टाफ (CDS), वीरयोद्धा स्वर्गीय जनरल बिपिन चन्द्र रावत को एक हृदय-विदारक हेलीकॉप्टर हादसे में खो दिया था। उनकी पुण्यतिथि पर पूरा भारत उन्हें नमन कर रहा है और राष्ट्र सेवा में उनके अविस्मरणीय योगदान को याद कर रहा है।
A tribute to late General Bipin Chandra Rawat, the first CDS of India, whose leadership and patriotism continue to inspire the nation.
उत्तराखण्ड की भूमि से उठी एक महान वीर गाथा

उत्तराखण्ड की पवित्र धरती पर जन्मे जनरल रावत का जीवन बचपन से ही अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति से ओतप्रोत रहा। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ प्राप्त कर सेना में शामिल हुए रावत जी अपने अद्वितीय नेतृत्व, साहस और रणनीतिक दृष्टि के लिए हमेशा पहचाने गए।

आधुनिक भारत की सैन्य शक्ति को नई दिशा देने वाले महानायक

अपने सैन्य करियर में जनरल रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील ऑपरेशनों में नेतृत्व करते हुए देश की सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की।

आतंकवाद-रोधी अभियानों में निर्णायक सफलता

सीमाओं पर सामरिक क्षमता का व्यापक विस्तार

आधुनिक तकनीक आधारित सैन्य सुधार

तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय की मजबूत पहल


पहले CDS के रूप में उनका लक्ष्य भारतीय सैन्य ढांचे को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना था। उन्होंने तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन, प्रौद्योगिकी उन्नयन और तेज निर्णय व्यवस्था की नींव रखी।

व्यक्तित्व में सरलता, विचारों में राष्ट्र सर्वोपरि

जनरल रावत केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं थे, बल्कि प्रेरणा के स्रोत थे।
वह अक्सर कहा करते थे—
“देश प्रथम, सदैव प्रथम।”
उनका यह सूत्रवाक्य आज भी युवाओं और सैनिकों में राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा जगाता है।

08 दिसम्बर 2021 — एक अपूरणीय क्षति

तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे ने पूरे देश को शोक में डाल दिया। जनरल रावत, उनकी पत्नी श्रीमती मधुलिका रावत और 11 अन्य सैनिकों की शहादत ने राष्ट्र को स्तब्ध कर दिया। यह क्षति केवल भारतीय सेना के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय थी।

जनरल रावत—एक प्रेरणा, जो सदैव जीवित रहेगी

नेतृत्व, वीरता और राष्ट्रभक्ति का जो अमिट प्रकाश जनरल रावत ने भारतीय सेना और देश को दिया, वह सदैव मार्गदर्शन करता रहेगा। उनके विचार, उनकी निष्ठा और उनका दूरदर्शी दृष्टिकोण आज भी देश को सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की ओर प्रेरित करता है।

पुण्यतिथि पर संकल्प

स्वर्गीय जनरल रावत की पुण्यतिथि पर देशवासी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह संकल्प लेते हैं—
हम भारत की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए सदैव अपना योगदान देते रहेंगे।
देश सर्वोपरि था, है और रहेगा।
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Manoj Pundir

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